गोरखपुर में उत्तर प्रदेश सरकार के 'संभव अभियान 6.0' और मिशन खिलखिलाहट के तहत कुपोषण के खिलाफ चल रही मुहिम सकारात्मक परिणाम दे रही है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गोद ली गई अति कुपोषित बच्ची अब पूरी तरह कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ गई है। सीडीओ ने बच्ची के घर पहुंचकर उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली, पोषण सामग्री वितरित की और परिवार को संतुलित आहार एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (ICDS) द्वारा संचालित संभव अभियान 6.0 के तहत कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श और अनुपूरक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी ने मिशन खिलखिलाहट के अंतर्गत गोद ली गई बच्ची अन्वी का पुनः गृह भ्रमण किया।
गृह भ्रमण के दौरान सीडीओ ने बच्ची के स्वास्थ्य और पोषण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने विभाग की ओर से नवीन अनुपूरक पोषाहार और पोषण पोटली प्रदान की तथा परिवार को संतुलित भोजन, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिनव मिश्रा ने बताया कि नियमित निगरानी, संतुलित पोषण और विभागीय प्रयासों के कारण अति कुपोषित बच्ची अन्वी अब पूरी तरह कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ चुकी है। उन्होंने कहा कि संभव अभियान 6.0 और मिशन खिलखिलाहट के माध्यम से जनसहभागिता के साथ गोरखपुर को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।