नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत गोरखपुर में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुए इस आयोजन में नुक्कड़ नाटक, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
"नशा मुक्त भारत – विकसित भारत की पहचान" अभियान के अंतर्गत शुद्धिकरण नशा मुक्ति केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. पूनम टंडन रहीं। कार्यक्रम में प्रशासन, पुलिस, मद्यनिषेध विभाग, सामाजिक संगठनों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए इस तरह के जन-जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेंगे।