गोरखपुर मंडल में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने बड़ी समीक्षा बैठक की। बैठक में चार जिलों में चल रही 120 परियोजनाओं की स्थिति का आकलन किया गया। धीमी गति से चल रहे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए मंडलायुक्त ने साफ कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज और कुशीनगर की 120 बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें 44 सड़क निर्माण और 76 भवन निर्माण तथा अन्य विकास कार्य शामिल हैं। सड़क परियोजनाओं में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और एनएचएआई की योजनाएं भी शामिल हैं।
बैठक के दौरान मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने धीमी गति से चल रहे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरे कराए जाएं।
मंडलायुक्त ने भूमि विवाद, तकनीकी समस्याओं और बजट संबंधी अड़चनों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और वास्तविक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गोरखपुर जनपद की परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी, जबकि नगर आयुक्त अजय जैन ने शहर क्षेत्र में चल रहे सड़क, ड्रेनेज और नगर विकास कार्यों की स्थिति से अवगत कराया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, सीआरओ हिमांशु वर्मा, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।