गोरखपुर। सदर तहसील के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ज्ञान प्रताप सिंह ने शुक्रवार को अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने जनसुनवाई को प्राथमिकता देते हुए कार्यालय पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। पहले ही दिन उनकी सक्रिय कार्यशैली से फरियादियों में नई उम्मीद जगी।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह ने नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल एवं पटल प्रभारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी फाइल एक दिन से अधिक लंबित नहीं रहेगी और सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। विशेष रूप से किसानों और आम जनता से जुड़े मामलों को तत्काल हल करने पर जोर दिया गया।
एसडीएम ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता प्रत्येक फरियादी की समस्या का शीघ्र और प्रभावी समाधान करना है, ताकि किसी भी व्यक्ति को एक ही समस्या के लिए बार-बार तहसील के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार लाकर जवाबदेही तय की जाएगी और जनता को पारदर्शी एवं बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि पहले क्या होता था, इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है। अब पूरी व्यवस्था को सुचारु और जनहितैषी बनाया जाएगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने पटल पर नियमित रूप से उपस्थित रहकर जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह की इस पहल से सदर तहसील की कार्यसंस्कृति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। फरियादियों ने भी उनके संवेदनशील और सक्रिय रवैये की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि अब उनकी समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा। प्रशासन की इस नई कार्यशैली से तहसील में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।