आजमगढ़ जनपद में महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आजमगढ़ पुलिस ने दो सगी नाबालिग बहनों से दुष्कर्म के आरोपी को घटना दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को महिला अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को थाना गंभीरपुर क्षेत्र की एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसकी दो नाबालिग पुत्रियों को मोहम्मद जाहिद उर्फ रुस्तम पुत्र मोहम्मद शफीक निवासी गंभीरपुर ने बहला-फुसलाकर तथा डराकर अपने बाग में स्थित ट्यूबवेल के कमरे में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने दोनों बहनों को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।

पीड़िता की तहरीर के आधार पर थाना गंभीरपुर में मुकदमा अपराध संख्या 141/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(1), 351(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी रही।

इसी क्रम में पुलिस को आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिलने पर घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने का प्रयास किया, जिसके दौरान मुठभेड़ की स्थिति बनी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आजमगढ़ पुलिस ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

बाइट :- 1. मधुबन सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आजमगढ़