श्रावण मास में श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए आजमगढ़ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है। विशेष जांच अभियान के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से मिठाई, खोया, पनीर, तेल समेत 11 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई और गुणवत्ता बनाए रखने की सख्त हिदायत भी दी है।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी आजमगढ़ के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम ने जिले की विभिन्न तहसीलों में छापेमारी की। इस दौरान सगड़ी, निजामाबाद, लालगंज, सदर और बूढ़नपुर तहसीलों से छेना मिठाई, खोया, बर्फी, बेसन के लड्डू, पनीर, रिफाइंड पाम ऑयल, पेड़ा और खारी सहित कुल 11 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
अभियान के दौरान कांवड़ मार्ग पर स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने और रेट लिस्ट लगाने के निर्देश दिए। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप का क्यूआर कोड भी प्रतिष्ठानों पर लगाया गया, ताकि लोग खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें सीधे विभाग तक पहुंचा सकें।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि श्रावण मास के दौरान यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि खुले और अस्वच्छ वातावरण में खाद्य पदार्थों का भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।