उत्तर प्रदेश के बलिया से है, जहां भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। फैमिली कोर्ट में पेशी के दौरान ज्योति सिंह अपने अधिवक्ताओं के साथ पहुंचीं, लेकिन पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी गैरहाजिरी पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। मामले की अगली सुनवाई अब 12 नवंबर को होगी। वहीं, कोर्ट से बाहर निकलते ही ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर तीखा हमला बोला और कहा कि वह आज भी उनके साथ रहना चाहती हैं, लेकिन चार साल से चल रहे विवाद ने उनके सब्र की परीक्षा ले ली है। ज्योति सिंह ने न्याय नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी भी दी है।
वीओ: दरअसल, भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह तथा उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद एक बार फिर चर्चा में है। आज फैमिली कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, लेकिन पवन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए। उनकी लगातार गैरहाजिरी को लेकर अदालत ने तीन हजार रुपये का हर्जाना लगाया। अगली सुनवाई के लिए 12 नवंबर की तारीख तय की गई है।
कोर्ट से बाहर आने के बाद ज्योति सिंह ने पवन सिंह की गैरहाजिरी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ज्योति सिंह ने अपनी सास की बीमारी का हवाला देकर पेशी से छूट लेने पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि उनकी सास अस्पताल से पहले ही डिस्चार्ज हो चुकी थीं, इसके बावजूद मेडिकल के आधार पर छूट ली गई।
ज्योति सिंह ने कहा कि वह आज भी पवन सिंह के साथ रहना चाहती हैं, लेकिन पिछले चार वर्षों से चल रहे विवाद के कारण अब उनके सब्र का बांध टूट रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वह इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी।
बाइट: ज्योति सिंह, पत्नी पवन सिंह
वहीं, ज्योति सिंह के अधिवक्ता के मुताबिक, पवन सिंह की ओर से एकमुश्त समझौते को लेकर अदालत में अर्जी दी गई है। अधिवक्ता का कहना है कि सुलह की बात तो हो रही है, लेकिन समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पवन सिंह को खुद अदालत में उपस्थित होना होगा।
फिलहाल, इस मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर को होनी है। अब देखना होगा कि क्या पवन सिंह अदालत में पेश होते हैं और क्या चार साल से जारी इस वैवाहिक विवाद को सुलह के जरिए खत्म करने का कोई रास्ता निकलता है।
बाइट: ज्योति सिंह के अधिवक्ता