आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। फायरिंग की इस घटना में आरोपी की पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हुई, जबकि पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आरोपी और उसके 8 वर्षीय बेटे की भी मौत हो गई। यानी पूरे घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की जान चली गई। वहीं पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
बताया जा रहा है कि अरविंद सिंह के घर में पिछले तीन-चार दिनों से पूजा-पाठ चल रहा था। मंगलवार शाम अरविंद बाजार से घर पहुंचे। घर में पूजा होते देख उन्होंने वहां मौजूद पंडितों से जानकारी ली और आधार कार्ड मांगने लगे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी पत्नी बबीता और पूजा में शामिल दो पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा घायल हो गए। बाद में तीनों की मौत हो गई। फायरिंग के बाद पूजा में शामिल अन्य लोग मौके से भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरोपी ने खुद को बच्चों के साथ घर के अंदर बंद कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा समेत डीआईजी सुनील कुमार सिंह, एसएसपी डॉ. अनिल कुमार, एसपी ग्रामीण चिराग जैन, एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह और कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने कमांडो के जरिए भी रेस्क्यू की कोशिश की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान जब एसएसपी की टीम अंदर पहुंची तो आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी। बच्चों को बचाने के लिए पुलिस आगे बढ़ी तो आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
वहीं आरोपी की गोली से घायल 8 वर्षीय बच्चे ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया। इस तरह पूरे घटनाक्रम में कुल पांच लोगों की मौत हुई है।
बताया जा रहा है कि अरविंद सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह की कई साल पहले आपसी रंजिश में हत्या हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद से अरविंद मानसिक तनाव में था। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना के बाद एसओजी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में लगी है। पुलिस ने हथियार और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लिया है। फायरिंग में कितनी गोलियां चलीं और पूरे घटनाक्रम की सटीक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
बाइट : हरिकेश यादव, स्थानीय निवासी
बाइट : हिमांशु मिश्रा, पूजा में शामिल पंडित
बाइट : नवीन अरोड़ा, एडीजी
बाइट : डॉ. अनिल कुमार, एसएसपी
पूजा विवाद में पांच मौतें, पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी वारदात में बदल गया। फायरिंग की इस घटना में आरोपी की पत्नी समेत तीन लोगों की मौ...

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