गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त हंगामे में बदल गई, जब पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला कथित हाथापाई तक पहुंच गया।
मामला गोरखपुर के प्रेस क्लब में आयोजित सपा की प्रेस वार्ता का है। बताया जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान सपा नेता अंशुमान सिंह भी वहां पहुंचे।
रिपोर्टों के मुताबिक, अंशुमान सिंह के बैठने को लेकर शुरू हुई बातचीत देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। इसी दौरान पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ कथित तौर पर मारपीट और थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया है। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। �
घटना के बाद मामला और गरमा गया। नगीना साहनी के समर्थन में अधिवक्ताओं और समर्थकों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद नगीना साहनी की ओर से कैंट थाने में शिकायत दी गई, जिसके आधार पर अंशुमान सिंह और उनके दो बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, पूरे मामले में आरोप-प्रत्यारोप दोनों पक्षों से सामने आ सकते हैं। विवाद की वास्तविक शुरुआत किस बात से हुई और घटना के दौरान किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से स्पष्ट होगा।
फिलहाल गोरखपुर में सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ यह विवाद पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पुलिस की जांच में पूरे घटनाक्रम की तस्वीर कितनी साफ होती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर है।
Breaking गोरखपुर में सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से मारपीट का आरोप, कैंट थाने में FIR
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त हंगामे में बदल गई, जब पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला क...

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